हम बच्चे है

माना कि तुम बड़े हो पर हम तो अभी बच्चे हैं
जूठे तो तुम हो - हम तो अभी सच्चे है
जो हमारे सपनों के घर कच्चे है वो तुम कच्चे ही रहने दो।
अगर हम आपकी नजर में बच्चे है तो बच्चे ही रहने दो।
हमें ज्यादा सुधारो मत वक्त आने पर हम अपने आप सुधार जाएंगे।
पर अगर हद से ज्यादा सुधारोगे तो हम वक्त से पहले ही बिगड़ जाएंगे।
चार दिन का ये बचपन है हमे खेलकर बिताने दो ना।
क्यों हमे किताबों से बांधे रखते हो थोड़ा टहलकर बिताने दो ना।
जनमे तो हम अकेले थे फिर ये किताबें कहा से आ गई।
आखिर डाकिन बनके पढ़ाई ये कितनों का बचपन खा गई।
इंतजार करो थोड़ा वक्त का कभी हम भी पैरों पर खड़े हो जाएंगे।
अभी हम छोटे छोटे बच्चे हैं पर कभी हम भी बड़े हो जाएंगे।जो जिम्मेवारियां आज तुम पर है वक्त आने पर हम भी उठा लेगे।
जो फिक्रे तुम्हारे दिल में है वो कभी हम भी दिल में बिठा लेंगे।
हमे धीरे धीरे पकने दो अभी ख्वाब हमारे कच्चे है
हमें बचपन अपना देखने दो अभी हम बच्चे है।

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